डबल इंजन का निकला धुआं, 2017 से पहले सीएम की खुद कोई पहचान नहीं थी…. अखिलेश यादव का योगी-मोदी सरकार पर तीखा हमला

शिव शंकर सविता- समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने किसानों की बदहाली, महंगाई, आरक्षण, जातीय जनगणना और देश की विदेश नीति सहित कई गंभीर मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 सालों में ‘डबल इंजन’ की सरकार का पूरी तरह से धुआं निकल चुका है और अब ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बेदखल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

“जिन्हें 2017 के बाद पहचान मिली, वो यूपी की पहचान पर सवाल उठा रहे”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “मैं अक्सर मुख्यमंत्री को यह कहते हुए सुनता हूं कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कोई पहचान नहीं थी। लेकिन कड़वा सच तो यह है कि 2017 से पहले खुद मुख्यमंत्री की उत्तर प्रदेश की राजनीति में कोई बड़ी पहचान नहीं थी।” अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें खुद अपनी राजनीतिक पहचान 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मिली हो, वे आज उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और उसकी पुरानी पहचान पर सवाल उठा रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद है।

विदेश नीति पर घेरा: “युद्ध रुकवा लेते तो सच में ‘विश्व गुरु’ कहलाते”

अखिलेश यादव ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के हालातों का जिक्र करते हुए देश की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौजूदा स्थिति भारत की विदेश नीति की बड़ी चूक को दर्शाती है। अगर भारत सरकार और हमारे प्रधानमंत्री इस युद्ध को रुकवाने में कामयाब हो जाते, तो न जाने कितने मासूमों की जान बच जाती। आज भारत की अर्थव्यवस्था खुद गहरे संकट में है। अगर पीएम वाकई इस युद्ध को रोकने की क्षमता दिखाते, तब देश सच में ‘विश्व गुरु’ कहलाता, सिर्फ बयानों से कोई विश्व गुरु नहीं बनता।”

किसानों के लिए नहीं बनी मंडियां, चुनाव लूटने का लगाया आरोप

अखिलेश यादव ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि यह देश की पहली ऐसी सरकार है जिसने किसानों की भलाई के लिए कहीं भी नई मंडियां नहीं बनाईं। अगर मंडियां सुचारू रूप से काम करतीं और किसानों को उनकी फसलों का सही अधिकार मिला होता, तो आज देश की अर्थव्यवस्था की हालत इतनी खस्ता नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा केवल गाय के नाम पर वोट मांगना जानती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने बंगाल और बिहार के चुनावों को लूटा है और अगर यही हथकंडा उत्तर प्रदेश में अपनाया गया, तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा और आगे कभी निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोकसभा सीटों का परिसीमन अपने हिसाब से करना चाहती है।

“सपा सरकार बनते ही फर्जी एनकाउंटर करने वालों पर होगी कार्रवाई”

अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि ‘PDA’ की एकजुटता का ही असर है कि आज भाजपा को भी मजबूरन जातीय जनगणना की बात स्वीकार करनी पड़ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में वोटर लिस्ट को ठीक करवाएं ताकि चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर PDA के लोगों का आरक्षण और उनके संवैधानिक अधिकार छीने हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “इस सरकार में जितने भी फर्जी एनकाउंटर हुए हैं, समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही उन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने जनता से वादा किया कि सपा सरकार आने पर सूबे में एंबुलेंस व्यवस्था फिर से दुरुस्त होगी और गरीबों का अस्पतालों में मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।

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