KNEWS DESK- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 2029 से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। गृह मंत्री के इस बयान के बाद देश में UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
अमित शाह ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश में नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। इसके तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान नियम लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। केंद्र सरकार लंबे समय से समान नागरिक संहिता को अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल करती रही है। बीजेपी का तर्क है कि देश में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। पार्टी इसे समानता और सामाजिक न्याय से जोड़कर देखती है।
वहीं, विपक्षी दल UCC को लेकर सरकार की मंशा और इसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि कानून बनाते समय देश की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता का ध्यान रखना जरूरी है। अमित शाह के अनुसार, NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ेगी। इससे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है, जिसे इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
अब गृह मंत्री के 2029 से पहले 21 राज्यों में UCC लागू करने के ऐलान के बाद संबंधित राज्यों में कानून तैयार करने और लागू करने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। इस घोषणा को आगामी राजनीतिक और सामाजिक बहस के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।