knews desk – कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ‘गोकुल मिल्क कोऑपरेटिव’ के चुनावी जनादेश को पलटने की कोशिश करने का बीजेपी पर आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले पैनल की ओर से बीजेपी समर्थित ‘महायुति’ गठबंधन को हराए जाने के बाद नियमों में बदलाव किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बहुमत हासिल करने के लिए नियम बदले गए हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए इसे “दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी” बताया। उन्होंने लिखा, “गोकुल में दूध उत्पादकों ने भाजपा को हरा दिया। तो भाजपा ने चुनाव के बाद नियम बदल दिए। 4 डायरेक्टर ठूंसो, 12 को 16 बनाओ, बहुमत चुराओ। ये दूध उत्पादकों की वोट की चोरी है… जनादेश में मिलावट है। भाजपा इतनी हताश हो चुकी है कि हर जगह सत्ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। दूध उत्पादकों का वोट चुराने वाले याद रखें, किसान भूलता नहीं है।”
पवन खेड़ा ने भी महाराष्ट्र सरकार पर लगाए आरोप
इससे पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी प्रस्तावित बदलावों को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ‘गोकुल मिल्क फेडरेशन’ में दूध उत्पादकों के लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
पवन खेड़ा के मुताबिक, 19 अक्टूबर को हुए चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले पैनल ने 25 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि ‘महायुति’ को 12 सीटें मिली थीं। उन्होंने दावा किया कि महायुति समर्थित एक डायरेक्टर के बैठक से अनुपस्थित रहने के बाद चेयरमैन के चुनाव को रोक दिया गया और बॉम्बे हाई कोर्ट ने 10 नवंबर को दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुने हुए बोर्ड को काम करने देने के बजाय राज्य कैबिनेट ने चार सरकारी डायरेक्टरों को नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिन्हें वोट देने का अधिकार भी होगा। कांग्रेस का दावा है कि इससे चुनावी समीकरण बदल सकता है और दूध उत्पादकों के जनादेश को पलटा जा सकता है।
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है और लोकतांत्रिक जनादेश तथा सहकारी संस्थाओं की स्वायत्तता की रक्षा की जाएगी।
क्या है गोकुल मिल्क कोऑपरेटिव चुनाव का पूरा मामला?
मामला कांग्रेस के नेतृत्व वाले राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी की जीत से जुड़ा है। इस पैनल का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतेज पाटिल कर रहे थे। कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ यानी गोकुल डेयरी के निदेशक मंडल के चुनाव में इस पैनल ने कुल 25 में से 13 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी समर्थित महायुति गठबंधन को 12 सीटें मिलीं।
महायुति में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी शामिल हैं। चुनाव के नतीजों का आधिकारिक ऐलान 19 अक्टूबर को किया गया था। इस नतीजे को सत्ताधारी गठबंधन के लिए झटके के तौर पर देखा गया। चुनाव का मकसद सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के निदेशक मंडल पर नियंत्रण तय करना था। यह संघ गोकुल डेयरी ब्रांड के नाम से काम करता है।