KNEWS DESK- राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद हैं, जहां सरकार विरोधी नारे भी लगाए जा रहे हैं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि देश का युवा अब चुप रहने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि युवा अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा।
दीपके ने अपने संबोधन में कहा, “देश का युवा अब डरेगा नहीं, लड़ेगा। लंबे समय से युवाओं को रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों से भटकाने की कोशिश की गई है। अब समय आ गया है कि छात्र अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों।”
उन्होंने आरोप लगाया कि देश की राजनीति को हिंदू-मुसलमान जैसे मुद्दों में उलझाकर युवाओं के वास्तविक सवालों को पीछे धकेला गया है। दीपके ने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन शिक्षा, रोजगार और अवसरों की मांग को लेकर है।
इस बीच, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया जाता है, तो वह छह सप्ताह का उपवास करेंगे। उनके इस बयान के बाद आंदोलन को नया समर्थन और चर्चा मिली है।
प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए अभिजीत दीपके ने लोगों से अपील की है कि वे जंतर-मंतर पर किताब और तिरंगा लेकर पहुंचें। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पुलिसकर्मियों को सम्मान स्वरूप फूल देने की भी अपील की, ताकि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और लोकतांत्रिक बना रहे।
फिलहाल जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।