Knews Desk- पंजाब और तेलंगाना में वोटर लिस्ट के संशोधन के लिए चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पंजाब में SIR के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 20 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। वहीं, तेलंगाना में 73 लाख से अधिक मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं होने की बात सामने आई है।
पंजाब की सभी विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार को SIR 2026 के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई। इसमें कुल 20,50,559 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह राज्य के कुल मतदाताओं का करीब 9.63 फीसदी है।
हटाए गए नामों में सबसे ज्यादा वे लोग हैं, जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं। इसके अलावा मृत मतदाता, जिनका पता नहीं चल पाया और डुप्लिकेट नाम भी सूची से हटाए गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, 9,44,131 मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट पाए गए। 5,74,568 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि 4,12,715 लोगों का पता नहीं चल पाया। वहीं, 1,19,145 डुप्लिकेट एंट्री की पहचान हुई।
12 सितंबर तक नाम जुड़वाने का मौका
पंजाब में SIR के दौरान करीब 2.14 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 1.94 करोड़ लोगों के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा हुए। यानी करीब 90.37 फीसदी मतदाताओं का डेटा प्राप्त हुआ।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में जिन लोगों के नाम नहीं हैं, उन्हें 13 अगस्त से 12 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है।
तेलंगाना में SIR को लेकर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के नेता जिम्मेदारी से काम नहीं करेंगे, तो बड़ी संख्या में वोटरों के नाम सूची से बाहर हो सकते हैं।
राज्य में कुल 3,38,26,448 मतदाता हैं। इनमें से 2,64,87,214 मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म ही डिजिटाइज हो पाए हैं। इस हिसाब से करीब 73.39 लाख मतदाताओं के फॉर्म अभी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए हैं।
नेताओं को चार दिन क्षेत्र में रहने का निर्देश
रेवंत रेड्डी ने पार्टी के प्रभारी मंत्रियों और नेताओं को अपने-अपने जिलों में समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा क्षेत्र के प्रभारियों से अगले चार दिनों तक अपने क्षेत्रों में रहकर स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने नेताओं को हर विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार करने और जहां भी मतदाता सूची से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं, उन्हें जल्द सुलझाने के निर्देश दिए।
रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि पार्टी SIR प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने नेताओं से BRS और BJP की ओर से वोट कटवाने की कथित कोशिशों का पता लगाने और ऐसे मामलों की पहचान करने को कहा है।
तेलंगाना में BLOs का घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाने का काम 25 जून से शुरू हुआ था, जो 10 अगस्त को पूरा हुआ। राज्य में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 17 अगस्त को जारी होने वाली है।