UNSC Reform: G4 देशों की हुंकार, 80 साल पुरानी व्यवस्था में बदलाव की मांग; अब दिल्ली में होगी समीक्षा

Knews Desk – न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। G4 देशों की इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में सुधार को लेकर अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) के तहत हुई चर्चाओं की समीक्षा की गई। साथ ही सुरक्षा परिषद में सुधार की संभावनाओं और मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई।

बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, जर्मनी के विदेश मंत्री डॉ. योहान डेविड वाडेफुल, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु शामिल हुए। G4 देशों ने सुरक्षा परिषद में स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में सदस्यता बढ़ाने पर जोर दिया।

G4 ने कहा कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। G4 मंत्रियों के मुताबिक, UNSC अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी मुख्य जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम नहीं है। परिषद की प्रतिनिधित्व क्षमता, वैधता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठाए गए।

G4 देशों ने सुरक्षा परिषद की मौजूदा व्यवस्था को 80 साल पुराना बताते हुए कहा कि यह आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करती। उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था शांति और सुरक्षा से जुड़ी वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में भी बाधा बन रही है। G4 ने सुरक्षा परिषद में जल्द से जल्द सुधार लागू करने की मांग की।

G4 के मुताबिक, UNSC सुधार के तहत स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में सदस्यता का विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है। चारों देशों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों का बहुमत इस रुख का समर्थन करता है।

G4 ने सुरक्षा परिषद में अफ्रीका, एशिया-प्रशांत और लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन जैसे कम प्रतिनिधित्व वाले या अब तक प्रतिनिधित्व से वंचित क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सदस्य देशों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

G4 ने 80वें UNGA सत्र के दौरान IGN में अफ्रीकी समूह की ओर से पेश किए गए UNSC सुधार मॉडल का स्वागत किया। साथ ही करीब 18 साल से चल रही IGN प्रक्रिया की गति और प्रगति पर सवाल उठाए गए। G4 ने पिछली IGN बैठक में हुई प्रगति की कमी पर भी चिंता जताई।

G4 देशों ने UN Charter और IGN के mandate का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार पर निर्णय लेने के लिए consensus यानी सर्वसम्मति को अनिवार्य मानक नहीं बनाया गया है। G4 ने यह भी कहा कि UNSC सुधार पर बातचीत को केवल IGN प्रक्रिया तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है।

चारों देशों ने कहा कि वे लोकतंत्र हैं और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में UNSC की प्राथमिक जिम्मेदारी में योगदान देने की इच्छा और प्रमाणित क्षमता रखते हैं। न्यूयॉर्क में हुई चर्चा के बाद अब अगली समीक्षा बैठक नई दिल्ली में होगी, जहां UNSC सुधार से जुड़े मुद्दों पर आगे की चर्चा की जाएगी।

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