IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत पर राज ठाकरे का बयान, अकादमिक दबाव और जातिगत राजनीति पर उठाए सवाल

Knews Desk – IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला इस समय गरमाया हुआ है। कैंपस में विरोध प्रदर्शन के साथ इस पर सियासत भी तेज हो गई है। इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS के अध्यक्ष राज ठाकरे ने साहिल वाकोडे की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने शिक्षा प्रणाली में बढ़ते अकादमिक दबाव और जातिगत राजनीति को लेकर चिंता जताई।

राज ठाकरे ने बिना जांच पूरी किए छात्र पर परीक्षा में मोबाइल और ChatGPT के इस्तेमाल का आरोप लगाने के लिए IIT प्रशासन की आलोचना की। ठाकरे ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी रोकना प्रोफेसरों का कर्तव्य है, लेकिन जांच से पहले किसी छात्र को दोषी ठहराना और दूसरी तरफ जातीय उत्पीड़न के आरोप लगते ही बिना जांच प्रोफेसरों को कसूरवार मान लेना, दोनों ही बातें अनुचित हैं।

साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके परिवार की ओर से जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। IIT बॉम्बे ने कहा है कि साहिल की ओर से SC-ST सेल या प्रशासन के पास ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। वहीं, मामले की जांच फिलहाल जारी है।

मनसे प्रमुख ने चिंता जताई कि इस पूरी घटना में मुख्य मुद्दा यह होना चाहिए कि एक नौजवान छात्र को अपना जीवन समाप्त करने की स्थिति तक क्यों पहुंचना पड़ा, लेकिन इसके बजाय पूरे मामले को जातिगत दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। ठाकरे ने कहा कि साल 2000 के बाद से महाराष्ट्र में जातिवाद इस कदर बढ़ गया है कि यह अब IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच चुका है, जिन्हें पंडित नेहरू ने आधुनिक भारत का मंदिर कहा था।

उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं की कड़ी प्रतिस्पर्धा, पढ़ाई का भारी बोझ और कैंपस प्लेसमेंट के तनाव के कारण केवल IIT ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र के युवा दबाव का सामना कर रहे हैं। ठाकरे ने छात्रों से शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ आवाज उठाने और सुधार की मांग करने की अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने की कोशिश की जा सके।

साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता, शिकायत निवारण व्यवस्था और संस्थागत जवाबदेही को लेकर कई मांगें उठाई हैं। विरोध प्रदर्शनों के बीच IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को डीन पद से निलंबित भी किया है, जबकि मामले की परिस्थितियों की जांच जारी है।

राज ठाकरे ने IIT बॉम्बे के छात्रों की उन मांगों का भी समर्थन किया जिनमें 24 घंटे मनोरोग विशेषज्ञों की उपलब्धता, पारदर्शी शिकायत निवारण प्रणाली और संवेदनशील अनुशासनात्मक प्रक्रियाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करना ही साहिल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और अपनी पार्टी की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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