वंदे भारत की चमक पर सवाल! सफाई से लेकर मेंटेनेंस तक 537 शिकायतें, जानें पूरा आंकड़ा

KNEWS DESK – देश की सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच उत्तर रेलवे की वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों ने बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई हैं।

जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल से 21 जून 2026 के बीच वंदे भारत ट्रेनों को लेकर कुल 537 शिकायतें मिलीं। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें ट्रेन की सफाई व्यवस्था को लेकर सामने आईं।

सफाई को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें

आंकड़ों के मुताबिक, यात्रियों ने सफाई से जुड़ी 327 शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके अलावा ट्रेन के रखरखाव को लेकर 133 शिकायतें मिलीं।

यात्रियों ने पानी की उपलब्धता को लेकर 21, कैटरिंग से जुड़ी 15, इलेक्ट्रिकल उपकरणों की खराबी को लेकर 13, बेडरोल से जुड़ी 6 और स्टाफ के व्यवहार को लेकर 6 शिकायतें दर्ज कराईं।

इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था, ट्रेन की देरी, दिव्यांग यात्रियों की सुविधाओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की शिकायतें भी सामने आई हैं।

दिल्ली मंडल में सबसे ज्यादा शिकायतें

रेल मंडल के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा शिकायतें दिल्ली मंडल में दर्ज हुई हैं। यहां यात्रियों ने कुल 250 शिकायतें की हैं।

इसके बाद जम्मू मंडल में 150, लखनऊ मंडल में 97, फिरोजपुर मंडल में 30 और मुरादाबाद मंडल में 10 शिकायतें दर्ज हुईं।

इन वंदे भारत ट्रेनों में ज्यादा शिकायतें

जम्मू मंडल की नई दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस में 64 और कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत में 41 शिकायतें दर्ज हुईं।

दिल्ली मंडल में श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत को लेकर 45 शिकायतें सामने आईं, जबकि नई दिल्ली-कटरा रूट की ट्रेन में 32 शिकायतें दर्ज हुईं।

लखनऊ मंडल में नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत को लेकर 28 और वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत को लेकर 20 शिकायतें मिलीं।

कैटरिंग मामले में IRCTC पर लग चुका है जुर्माना

वंदे भारत ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता को लेकर भी पहले शिकायतें सामने आ चुकी हैं। मार्च 2026 में पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खाने की खराब गुणवत्ता की शिकायत के बाद रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

इसके अलावा संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर भी 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था और उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का आदेश दिया गया था।