ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की तैयारी, राज्य में 1,279 नई बसें शामिल होने से सरकारी बसों की संख्या 3,546 हो जाएगी।
Knews Desk– पंजाब में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सितंबर के मध्य तक 100 आधुनिक ‘PRTC जूनियर’ बसों को पीआरटीसी के बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा। इन बसों के जरिए खास तौर पर ग्रामीण और कम कनेक्टिविटी वाले इलाकों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
परिवहन विभाग की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और सेवाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि ये मिडी बसें पूरी तरह निर्मित हालत में आयशर की ओर से तैयार कर सप्लाई की जा रही हैं।
1,279 नई बसें होंगी शामिल
सरकार के मुताबिक पंजाब के सरकारी बस बेड़े में कुल 1,279 नई बसें जोड़ी जा रही हैं। इसके बाद राज्य में सरकारी बसों की संख्या 2,267 से बढ़कर 3,546 हो जाएगी। सरकार का दावा है कि यह पिछले करीब 20 वर्षों में सरकारी बसों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।
हरपाल सिंह चीमा ने अधिकारियों को पीआरटीसी और पनबस की सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ दोनों संस्थानों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए आय के नए स्रोत तलाशने के निर्देश दिए।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी पर भी जोर
सरकार ने आम यात्रियों के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी परिवहन सुविधाएं बढ़ाने की बात कही है। इसी कड़ी में जालंधर और लुधियाना से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए वोल्वो कोच समेत 15 प्रीमियम एयरपोर्ट बस सेवाएं शुरू की गई हैं।
मंत्री के मुताबिक इन सेवाओं से यात्रियों को बेहतर विकल्प मिला है और निजी परिवहन ऑपरेटरों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिली है।
पीआरटीसी और पनबस की भूमिका
बैठक में पीआरटीसी और पनबस की परिचालन क्षमता बढ़ाने, सेवाओं को आधुनिक बनाने और लंबे समय तक वित्तीय रूप से मजबूत बनाए रखने पर चर्चा हुई। सरकार का फोकस खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने पर है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सरकारी बस सेवा का लाभ मिल सके।
बैठक में परिवहन विभाग के सचिव वरुण रूजम, पनबस के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव कुमार गुप्ता, पीआरटीसी की मैनेजिंग डायरेक्टर मनीषा राणा समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।