KNEWS DESK- झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अब छात्र संगठनों ने अपने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में 10 अगस्त को राजधानी रांची में विधानसभा घेराव और मार्च की तैयारी की गई है। आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों ने प्रदेशभर के अभ्यर्थियों से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की है।
छात्र नेताओं की ओर से आंदोलन में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए कार्यक्रम और समय को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। छात्रों से कहा गया है कि वे 10 अगस्त को सुबह 10 बजे से पहले रांची स्थित पुरानी विधानसभा के पास पहुंचें। इसके बाद सभी छात्र एक स्थान पर एकत्र होंगे और वहां से सामूहिक रूप से नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च करेंगे।
पुरानी विधानसभा से शुरू होगा मार्च
छात्र संगठनों के मुताबिक, 10 अगस्त को होने वाला कार्यक्रम पुरानी विधानसभा परिसर के पास से शुरू किया जाएगा। अलग-अलग जिलों से रांची पहुंचने वाले अभ्यर्थी पहले निर्धारित स्थान पर इकट्ठा होंगे। इसके बाद सभी छात्र एकजुट होकर नई विधानसभा की तरफ पैदल मार्च करेंगे। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह प्रदर्शन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे समय से JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
छात्र नेताओं ने दावा किया है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों को लेकर अभ्यर्थियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। इसी वजह से अब विधानसभा तक अपनी आवाज पहुंचाने का फैसला किया गया है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जोर
विधानसभा मार्च को लेकर छात्र संगठनों ने साफ किया है कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। आंदोलन में शामिल होने वाले छात्रों को किसी भी तरह का हंगामा या उपद्रव नहीं करने की अपील की गई है। छात्र नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को विशेष रूप से अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी है। उनका कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधि नहीं होनी चाहिए। छात्रों से कहा गया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन के सामने रखें।
आंदोलनकारी छात्रों ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बवाल का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि उस घटना से सबक लेते हुए झारखंड में होने वाले आंदोलन को पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रखा जाएगा।
‘आंदोलन की छवि खराब नहीं होने देंगे’
छात्र नेताओं का दावा है कि झारखंड में अब तक हुए उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को देशभर में समर्थन और सराहना मिली है। उनका कहना है कि छात्रों ने लगातार अनुशासन में रहकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा है और इसी वजह से सरकार पर दबाव बना है। आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह की हिंसा या टकराव पैदा करना नहीं है, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
छात्र नेताओं ने कहा कि अब तक आंदोलन की जो सकारात्मक और शांतिपूर्ण छवि बनी है, उसे किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आंदोलन में शामिल होते समय संयम बनाए रखें और किसी भी उकसावे में न आएं।
सरकार पर बढ़ेगा दबाव
10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च को छात्रों के आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बड़ी संख्या में छात्रों के रांची पहुंचने की स्थिति में सरकार और प्रशासन पर भी दबाव बढ़ सकता है। छात्र संगठनों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सरकार को उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
वहीं, विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी। छात्रों की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का भरोसा दिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के जुटने को देखते हुए प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती होगी। फिलहाल 10 अगस्त के विधानसभा मार्च को लेकर छात्र संगठनों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेशभर के अभ्यर्थियों से रांची पहुंचने की अपील की गई है। अब देखना होगा कि इस प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।