Knews Desk- संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने की संभावना है और यह लगभग 13 अगस्त तक चल सकता है। इस दौरान करीब चार हफ्तों में 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र में कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर जोरदार बहस होने की उम्मीद है।
सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिल पेश कर सकती है, जिनमें कुछ संविधान संशोधन विधेयक प्रमुख हैं। इनमें महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधान, परिसीमन और लोकसभा-विधानसभाओं की सीटें बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा 130वां संविधान संशोधन विधेयक भी चर्चा में रह सकता है, जिसमें 30 दिन से अधिक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान शामिल है। सरकार “एक देश एक चुनाव” बिल को आगे बढ़ाने पर भी जोर दे सकती है।
सूत्रों के अनुसार, एफसीआरए संशोधन, शिक्षा सुधार से जुड़े बिल, एंटी डोपिंग विधेयक, कॉर्पोरेट कानून, सिक्योरिटीज मार्केट कोड और जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में हो सकते हैं।
वहीं विपक्ष मानसून के दौरान देश में कहीं सूखे तो कहीं बाढ़ की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल की कीमतें, नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसके अलावा एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) और क्षेत्रीय दलों में टूट जैसे राजनीतिक मुद्दे भी संसद में गरमाहट बढ़ा सकते हैं।
राजनीतिक रूप से यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा, वहीं विपक्ष सरकार पर कई मोर्चों पर हमलावर रहने की रणनीति बना रहा है।