दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित की जा रही है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में हो रही इस रैली में 23 राजनीतिक दलों के नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दिल्ली पुलिस ने यातायात संबंधी एडवाइजरी भी जारी की है।
Knews Desk – दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत 23 दलों के नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजकों की ओर से रैली में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया गया है।
रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का विरोध और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा बताया गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों, नागरिक समाज समूहों और आम लोगों से भी इसमें शामिल होने की अपील की है।
रविवार सुबह से ही रैली में शामिल होने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। कई वामपंथी दलों के समर्थक झंडे और बैनर लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर भी जमा हुए, ताकि वहां से रैली स्थल तक पहुंच सकें।
दिल्ली पुलिस के डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर के मुताबिक, सुबह 5:30 बजे से ही लोग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने लगे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रतिभागियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और स्थानीय निवासियों को परेशानी से बचाने के लिए इंतजाम कर रही है। रैली और मार्च के रूट को लेकर भी योजना तैयार की गई है।
सुरक्षा के लिए 200 से 250 CCTV कैमरे
रैली को देखते हुए रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। डीसीपी रोहित राजबीर ने बताया कि पूरे क्षेत्र को 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है। आयोजकों ने भी अपना कंट्रोल रूम बनाया है और पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी लें।
मतदाता सूची के मुद्दे पर विपक्ष की लामबंदी
INDIA गठबंधन की इस महारैली का उद्देश्य मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध दर्ज कराना है। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया है। गठबंधन के विभिन्न दलों के समर्थकों की मौजूदगी को विपक्ष के संयुक्त शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों ने दिवाली के व्यस्त कारोबारी सीजन में बाजारों और यातायात पर असर पड़ने की आशंका जताई थी। इस पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोग विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ दिल्ली के बाजारों में खरीदारी भी करें।
राहुल गांधी ने व्यापारियों को नुकसान होने की आशंका खारिज करते हुए बीजेपी पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से छोटी दुकानों से सामान खरीदकर स्थानीय व्यापारियों का समर्थन करने की अपील की।
अब इस महारैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात और बाजारों में लोगों की आवाजाही पर नजर रहेगी।