KNEWS DESK – NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच कर रही Central Bureau of Investigation को बड़ी सफलता मिली है. मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीषा मंधारे को आज दिल्ली की Rouse Avenue Court में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 14 दिनों की CBI हिरासत में भेज दिया. मनीषा महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली है और पेशे से बॉटनी प्रोफेसर बताई जा रही है.
CBI के मुताबिक, मनीषा मंधारे को उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद उसे दिल्ली लाकर लंबी पूछताछ की गई, जिसके बाद विशेष CBI अदालत में पेश किया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि मंधारे की भूमिका इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क में बेहद अहम थी.
जांच में सामने आया है कि आरोपी को National Testing Agency यानी NTA ने एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था. इसी वजह से उसे बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच मिली हुई थी. CBI का आरोप है कि उसने इसी पहुंच का फायदा उठाकर परीक्षा से पहले सवाल लीक किए और बदले में मोटी रकम वसूली.
CBI ने अदालत को बताया कि फिलहाल NTA की पूरी परीक्षा प्रक्रिया जांच के दायरे में है. शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे रैकेट में कई बिचौलिए, अंदरूनी लोग और कुछ अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा में आने वाले सवालों के लिए लाखों रुपये चुकाए थे.
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से शिकायत मिलने के बाद CBI ने 12 मई 2026 को इस मामले में आधिकारिक केस दर्ज किया था. पेपर लीक विवाद के बाद अब NEET परीक्षा दोबारा 21 जून को आयोजित की जाएगी.
इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी पी.वी. कुलकर्णी का नाम भी लगातार चर्चा में बना हुआ है. बताया जा रहा है कि कुलकर्णी केमिस्ट्री का रिटायर्ड प्रोफेसर है और वह कई वर्षों तक NEET के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों से जुड़ा रहा था. जांच एजेंसियों को शक है कि इसी अनुभव और नेटवर्क का इस्तेमाल कर पूरे पेपर लीक सिंडिकेट को ऑपरेट किया गया.