Knews Desk-नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह बैठक पश्चिम बंगाल में भाजपा की कथित प्रचंड जीत के बाद पहली कैबिनेट बैठक मानी जा रही है। बैठक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इसके लिए “राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम” में संशोधन का प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया है। इस फैसले के बाद अब ‘वंदे मातरम’ को कानूनी सुरक्षा के तहत रखा जाएगा।

प्रस्ताव के अनुसार, बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ पर वही नियम लागू होंगे जो वर्तमान में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों पर लागू हैं। इसका मतलब है कि इसके अपमान या अवमानना को संज्ञेय अपराध माना जाएगा, जिसमें जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान हो सकता है। वर्तमान में कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। नए संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम’ भी इसी श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि देश इस समय ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है, जो इस निर्णय को और महत्वपूर्ण बनाता है। कैबिनेट बैठक में शामिल मंत्रियों ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की कथित जीत को लेकर प्रधानमंत्री को बधाई भी दी। इस फैसले को सरकार ने देश की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने वाला कदम बताया है।
हालांकि, इस निर्णय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस भी शुरू होने की संभावना है। कुछ विशेषज्ञ इसे सांस्कृतिक एकता की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों की ओर से इस पर अलग राय सामने आ सकती है।