KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का पूरा फोकस पंजाब पर नजर आ रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव को भले अभी समय हो, लेकिन पार्टी ने अभी से संगठन और रणनीति दोनों स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का पंजाब दौरा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सीधी निगरानी ने साफ कर दिया है कि पंजाब अब पार्टी के लिए अगला बड़ा राजनीतिक लक्ष्य बन चुका है।
बीजेपी की चुनावी तैयारियों का पहला बड़ा संकेत 20 से 22 जून के बीच नितिन नबीन के पंजाब दौरे के रूप में सामने आएगा। इस दौरान वे अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे और जिला से लेकर राज्य स्तर तक पार्टी पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। पार्टी का पूरा फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है।
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब चुनाव की रणनीति की निगरानी खुद अमित शाह कर रहे हैं। वे लगातार प्रदेश इकाई से फीडबैक ले रहे हैं और संगठन विस्तार का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। बीजेपी का लक्ष्य उन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करना है, जहां अब तक उसकी उपस्थिति सीमित रही है।
पार्टी की रणनीति केवल संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी मुद्दों को भी गंभीरता से तैयार किया जा रहा है। नशे के खिलाफ सख्त अभियान, अवैध धर्मांतरण, सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा, विकास और दलित-सिख मतदाताओं तक सीधी पहुंच को बीजेपी प्रमुख एजेंडा के रूप में आगे बढ़ा रही है।
इस बीच, हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए संगठनात्मक रणनीतिकार संदीप पाठक को भी पंजाब में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि वे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और चुनावी नेटवर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
विपक्षी दल भी बीजेपी की इस बढ़ती सक्रियता पर नजर बनाए हुए हैं। आम आदमी पार्टी लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है, जबकि कांग्रेस भी इसे अपने लिए एक राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही है।
कुल मिलाकर, पंजाब की चुनावी लड़ाई अभी दूर जरूर है, लेकिन राजनीतिक जमीन पर हलचल तेज हो चुकी है। बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मिशन पंजाब को पूरी गंभीरता और रणनीति के साथ आगे बढ़ा रही है।