प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तर प्रदेश में कथित आतंकी फंडिंग और अवैध घुसपैठ से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने गुरुवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत राज्य के 13 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है।
Knews Desk- जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में एक कथित नेटवर्क की जांच की जा रही है, जिस पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कराने, उनके लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार कराने और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर बसाने में मदद करने का आरोप है। ED इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क को आर्थिक मदद कहां से मिल रही थी और पैसों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था।
ED की शुरुआती जांच में कुछ संस्थाओं और चैरिटेबल ट्रस्टों को विदेशों से मिले फंड की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी को शक है कि इन पैसों को कई बैंक खातों और अन्य वित्तीय माध्यमों के जरिए अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध बैंक लेनदेन, नकद निकासी और छोटे-छोटे भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
दस्तावेज और डिजिटल सबूतों की जांच जारी
ED की टीमों ने छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी सबूतों की गहन जांच की जा रही है, ताकि कथित नेटवर्क की पूरी गतिविधियों और इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर चल रहा यह नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही, विदेशी फंडिंग और उससे जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
ED ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और बरामद दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसी ने इस मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।