KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में अब सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन शुरू हो चुका है और देश में बने चिप्स दुनिया के ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने विदेशों में रिसर्च कर रहे भारतीय युवाओं से देश में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़ने की अपील की।
पीएम मोदी ने बताया कि मोहाली और सूरत में दो सेमीकंडक्टर प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमता विकसित करने में दशकों लगते हैं। भारत इस दिशा में लगातार अपनी क्षमता मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री ने AI डेटा सेंटर और बढ़ती कंप्यूटिंग पावर की जरूरत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि AI के विस्तार के साथ बिजली की मांग बढ़ेगी, इसलिए पावर सेक्टर में निवेश जरूरी है। सरकार उन क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने पर काम कर रही है, जहां सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में फैबलेस कंपनियों की ग्रोथ, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और कंपाउंड सेमीकंडक्टर के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। सिलिकॉन फोटोनिक्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी जरूरी आधार तैयार किया जा चुका है। पीएम मोदी के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित करना है। इनमें से 70 हजार युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि भारत मैन्युफैक्चरिंग के लिए भरोसेमंद विकल्प के तौर पर खुद को तैयार कर रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और देश की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि का भी उल्लेख किया। विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक निर्माण क्षमता और आधुनिक तकनीक मिलकर आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत कर रही हैं।