संजय आजाद पर कथित हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सीजेपी प्रदर्शनकारी पक्ष के वकील ऋषव रंजन ने आरोपी की पेशी और महज एक दिन की पुलिस कस्टडी को लेकर आपत्ति जताई है.
Knews Desk- संजय आजाद पर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हमले के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया. हालांकि, उनकी पेशी के तरीके और पुलिस द्वारा मांगी गई कस्टडी को लेकर प्रदर्शनकारी पक्ष के वकील ने कई सवाल उठाए हैं.
वकील ऋषव रंजन के मुताबिक, कानूनी टीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होने का इंतजार कर रही थी, लेकिन बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी को जज के आवास पर पेश किया गया. उन्होंने कहा कि लीगल एड वकील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में शामिल हुए.
रंजन ने सवाल किया कि जब पुलिस मामले को गंभीर मान रही है तो आरोपी की सिर्फ एक दिन की पुलिस कस्टडी क्यों मांगी गई. उनका यह भी कहना है कि कानूनी टीम को एफआईआर में जोड़ी गई नई धाराओं की पूरी जानकारी नहीं दी गई.
एफआईआर में नई धाराएं जोड़ने पर भी सवाल
मामले में पुलिस ने कथित हमले से जुड़ी एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान जोड़े हैं. वकील का आरोप है कि उन्हें इन धाराओं के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई.
ऋषव रंजन ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि एफआईआर में किन-किन धाराओं को जोड़ा गया है. उन्होंने पुलिस से मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की है.
पॉडकास्ट के बाद बढ़ा था विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान के बाद यह मामला और चर्चा में आया था. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विवाद का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारी के पिता को चोट लगने की बात कही थी.
बाद में भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी. उनका कहना था कि घटना के दौरान वह लोगों के एक समूह से घिर गए थे.
वहीं, दिल्ली पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, संजय आजाद को लगी चोटें सामान्य प्रकृति की थीं और चोट स्टील के ब्रेसलेट से लगने की बात सामने आई थी.
प्रदर्शन के बाद हुई गिरफ्तारी
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीजेपी के प्रतिनिधियों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन भी किया था. इसके बाद पुलिस ने उन्हें बुलंदशहर से हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया.
अब उनकी पेशी के तरीके, एफआईआर में नई धाराएं जोड़ने और सिर्फ एक दिन की पुलिस कस्टडी दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है.