KNEWS DESK- झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार, 7 अगस्त को JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज सदन में भी सुनाई दी। विपक्षी NDA विधायकों ने छात्रों की मांगों को लेकर विधानसभा में जोरदार विरोध किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नारेबाजी और हंगामा होने लगा, जिसके बाद कार्यवाही को दोपहर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। दूसरी ओर, हेमंत सोरेन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश करने की तैयारी में है।
रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी मुद्दे को लेकर BJP के नेतृत्व में NDA विधायक विधानसभा के अंदर और बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष भर्ती परीक्षाओं में लगे आरोपों की CBI जांच कराने की मांग कर रहा है।
JPSC-JSSC के मुद्दे पर सदन में हंगामा
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने JPSC छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाया। BJP और NDA के अन्य विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और इसे दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा के बाहर भी प्रदर्शन किया।
मानसून सत्र के पहले दिन भी JPSC और JSSC का मुद्दा छाया रहा था। BJP विधायक विरोध दर्ज कराने के लिए मास्क पहनकर सदन पहुंचे थे, जिन पर ‘न्याय चाहिए, धोखा नहीं’ और JPSC-JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग से जुड़े संदेश लिखे थे। विपक्ष का कहना है कि रांची में छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांगों को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। विपक्षी विधायकों ने राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग भी की गई।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
करीब 6,500 करोड़ का हो सकता है अनुपूरक बजट
एक तरफ विधानसभा में JPSC छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के सदन में अनुपूरक बजट पेश करने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, बजट का आकार करीब 6,500 करोड़ रुपये हो सकता है। सदन में इसे पेश किए जाने के बाद विभिन्न मदों और वित्तीय प्रावधानों पर चर्चा होगी और इसके बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अनुपूरक बजट में विभिन्न सरकारी विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना है। इसके अलावा राज्य में चल रही विकास योजनाओं और नई परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। बजट में वीबी-जीरामजी योजना के क्रियान्वयन के लिए भी विशेष वित्तीय प्रावधान किए जाने की बात सामने आई है।
छात्र आंदोलन बना सरकार-विपक्ष के बीच बड़ा मुद्दा
रांची में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब विधानसभा के मानसून सत्र का भी प्रमुख मुद्दा बन गया है। छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। कई प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। छात्रों का कहना है कि यह मामला केवल सरकारी नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती व्यवस्था की पारदर्शिता और युवाओं के भरोसे से जुड़ा है।
इसी मुद्दे को विपक्ष ने विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया है। मानसून सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय कामकाज के बीच JPSC-JSSC विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बना हुआ है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्र आंदोलन और विपक्ष की जांच संबंधी मांगों पर सदन में क्या जवाब देती है।