Knews Desk- जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच सुरक्षा कारणों से कनॉट प्लेस के कारोबार पर असर पड़ा है। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्टोरेंट संचालकों को गुरुवार (23 जुलाई) शाम 6:30 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की सलाह दी है।
एसोसिएशन के अनुसार यह निर्णय नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी और टेलीफोन पर हुई चर्चा के बाद लिया गया। अधिकारियों ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में संभावित तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी थी।
NDTA ने अपने नोटिस में व्यापारियों और संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना, संपत्ति को नुकसान या लोगों के घायल होने जैसी स्थिति से बचा जा सके।
भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए फैसला
एसोसिएशन का कहना है कि कनॉट प्लेस और उसके आसपास बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की सूचना मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि समय से पहले प्रतिष्ठान बंद रखने का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकना है।
एक दिन पहले हुई थी हिंसा
बुधवार शाम टॉल्स्टॉय मार्ग के पास प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए थे। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिसमें कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है।
प्रदर्शन के बीच बढ़ाई गई सुरक्षा
यह विरोध प्रदर्शन NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
केजरीवाल ने उठाए सवाल
इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कनॉट प्लेस में दुकानों को समय से पहले बंद कराने और भारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि शाम 6:30 बजे तक बाजार बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं और इलाके में एंबुलेंस भी तैनात हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ फिर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।