KNEWS DESK- झारखंड में सरकारी भर्तियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने संबंधी सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। गुरुवार को अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया।
दरअसल, झारखंड सरकार ने हाल ही में JPSC की ओर से आयोजित 40 से अधिक भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इन परीक्षाओं के जरिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की नियुक्तियां हो चुकी थीं। सरकार के फैसले के बाद नौकरी कर रहे कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी संकट खड़ा हो गया था। इसके बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ताओं को मिली राहत
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के भर्ती परीक्षाएं रद्द करने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल उन अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट टल गया है, जिन्हें इन परीक्षाओं के आधार पर नियुक्ति मिली थी।
अदालत ने राज्य सरकार को मामले में अपना पक्ष रखने के लिए जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। सरकार को निर्धारित समयसीमा में काउंटर एफिडेविट दाखिल करना होगा। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई में सरकार के तर्क और याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
40 से ज्यादा भर्तियों पर था असर
सरकार के फैसले का असर JPSC की ओर से आयोजित 40 से अधिक भर्ती परीक्षाओं पर पड़ा था। इन परीक्षाओं के जरिए विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। परीक्षाएं रद्द किए जाने के फैसले के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्ति मिलने के बाद अचानक पूरी परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने से उनके अधिकार और रोजगार दोनों प्रभावित होंगे। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से राहत की मांग की थी।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल सरकार के परीक्षा रद्द करने वाले फैसले पर रोक रहेगी। हालांकि, यह अंतिम फैसला नहीं है। मामले में राज्य सरकार का जवाब आने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत आगे का निर्णय लेगी।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी नौकरी पर सरकार के फैसले के बाद तलवार लटक रही थी। अब सभी की नजर मामले की अगली सुनवाई और अदालत के अंतिम फैसले पर है।