KNEWS DESK – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को री-NEET परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में आगामी 21 जून को होने वाली NEET (UG) पुनर्परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ आयोजित कराने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछली परीक्षा में जिन कमियों और सुरक्षा खामियों की पहचान हुई थी, उन्हें पूरी तरह खत्म किया जाए ताकि इस बार परीक्षा त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि री-NEET परीक्षा का आयोजन सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया जाना चाहिए। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि परीक्षा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता और सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों और अभिभावकों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
इसके तहत परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, परिवहन, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दरअसल, NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक का गंभीर मामला सामने आया, जिसके चलते परीक्षा को रद्द कर दिया गया।
पेपर लीक मामले के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली थी। इसके बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया और अब 21 जून को री-NEET आयोजित की जाएगी।