KNEWS DESK – पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य को देश का पहला “खंभा-मुक्त गांवों वाला राज्य” बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक गांव सतौज में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने वाले महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इसे पंजाब के ग्रामीण विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल साबित होगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने गांवों को बिजली के खंभों और उलझी तारों से मुक्त करने का जो वादा किया था, उसे अब जमीन पर उतारा जा रहा है।
मान ने कहा कि बिजली की तारों को जमीन के नीचे ले जाने से किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर खेतों में बिजली तारों के कारण लगने वाली आग की घटनाओं और हादसों में कमी आएगी।
सतौज में शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत गांव में ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन और लो टेंशन बिजली लाइनों को पूरी तरह जमीनदोज किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के तहत करीब 7 किलोमीटर हाई टेंशन लाइन, 9.5 किलोमीटर लो टेंशन लाइन और लगभग 41 किलोमीटर सर्विस केबल जमीन के नीचे बिछाई जाएगी। इसके जरिए करीब 800 घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा सतौज के 66 केवी ग्रिड से जुड़े तीन 11 केवी फीडर और 28 ट्रांसफार्मरों की सभी हाई टेंशन लाइनें भी अंडरग्राउंड की जाएंगी। इसके बाद ट्रांसफार्मरों से घरों तक जाने वाली लो टेंशन लाइनें भी जमीन के नीचे बिछाई जाएंगी।
भगवंत मान ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद गांव से करीब 384 अनावश्यक बिजली के खंभे हटा दिए जाएंगे। इससे गांवों की सुंदरता भी बढ़ेगी और खुले में फैले तारों के जाल से लोगों को राहत मिलेगी।
इस योजना की खास बात यह है कि जमीन के नीचे केबल बिछाने के लिए सड़कों को खोदा नहीं जाएगा। इसके लिए ट्रेंचलेस ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बिना खुदाई के पाइप जमीन के भीतर डाले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली लाइनों के जमीनदोज होने से बिजली लीकेज की समस्या खत्म होगी और ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन लॉस में भी कमी आएगी। साथ ही बारिश और तेज हवाओं के दौरान बिजली सप्लाई बाधित होने की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
भगवंत मान ने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट पंजाब के गांवों की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा और आने वाले समय में राज्य के अन्य गांवों में भी इसी मॉडल को लागू किया जाएगा।