चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट के वकील ब्रजेश सिंह ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी है।
Knews Desk– मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील ब्रजेश सिंह ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी को पत्र लिखकर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगी है। यह कदम 23 सितंबर को सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर किए गए दावों के बाद उठाया गया है।
पत्र में मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि बहु-सदस्यीय चुनाव आयोग का संचालन इस तरह किया गया, जैसे सभी फैसले एक ही व्यक्ति द्वारा लिए जा रहे हों। वकील ने दावा किया है कि इससे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता प्रभावित होती है और यह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसलों में निर्धारित व्यवस्था के विपरीत है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण सॉफ्टवेयर में बदलाव, फॉर्म-6 में परिवर्तन और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने या बहाल करने जैसे मामलों का जिक्र किया गया है।
ब्रजेश सिंह ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को संस्थागत सहमति के आधार पर काम करना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य चुनाव आयुक्तों के साथ समान स्तर पर कार्य करने वाले प्रथम सदस्य की भूमिका में होते हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि अन्य आयुक्तों को दरकिनार कर फैसले लेने की कथित प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित सिद्धांतों के खिलाफ है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी यह केवल आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मांगने वाला पत्र है। किसी अदालत ने इस आधार पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट में निजी व्यक्ति की ओर से आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की लिखित सहमति आवश्यक होती है। अब इस मामले में अटॉर्नी जनरल के रुख का इंतजार है।