दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CJP प्रदर्शन और नेताओं को हिरासत में लेने पर दी सफाई। पुलिस ने कहा कि अभिजीत दिपके की दादी के निधन की जानकारी मिलने के बाद उनसे संपर्क कर घर जाने और परिवार से बात करने में मदद की पेशकश की गई थी।
Knews Desk – राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन, नेताओं को हिरासत में लेने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर दिल्ली पुलिस ने रविवार को पहली बार आधिकारिक बयान दिया। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में शाम को विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान डीसीपी पीआरओ नेहा यादव ने प्रदर्शन की अनुमति और अभिजीत दिपके को दी गई सहायता को लेकर जानकारी दी।
नेहा यादव ने कहा कि दिल्ली में CJP को प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और पार्टी ने कानून का पालन नहीं किया। उन्होंने बताया कि जैसे ही पुलिस को अभिजीत दिपके की दादी के निधन की जानकारी मिली, उनसे संपर्क किया गया और संवेदना व्यक्त की गई। पुलिस की ओर से उन्हें भरोसा दिलाया गया कि यदि वह घर जाना चाहते हैं या उन्हें किसी भी तरह की सहायता चाहिए, तो दिल्ली पुलिस हर संभव मदद के लिए तैयार है।
डीसीपी पीआरओ के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने अभिजीत दिपके से पूछा कि क्या उन्हें घर जाने के लिए फ्लाइट या बस की व्यवस्था में मदद चाहिए। इसके अलावा, यदि वह अपने माता-पिता या परिवार के किसी अन्य सदस्य से बात करना चाहते हैं, तो पुलिस उनकी बात भी करवा सकती थी। नेहा यादव ने कहा कि किसी भी तरह की सुविधा या सहायता की जरूरत होने पर वह पुलिस को बता सकते थे। हालांकि, उनके मुताबिक अभिजीत दिपके ने मदद लेने से मना कर दिया।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इसमें पार्टी के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले 72 घंटों में देश में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की लड़ाई चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। रांका ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी देश के लोकतंत्र को बचाने और आगे बढ़ाने की है, लेकिन वह समझौता कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बीजेपी को जिताने के लिए काम कर रहे हैं।
आशुतोष रांका ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के खिलाफ शुरू हुई लड़ाई को केंद्र सरकार ने अपने खिलाफ बना लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसी भी कीमत पर ज्ञानेश कुमार को बचाना चाहती है।