KNEWS DESK- मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में हुए भीषण अग्निकांड की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच होटल मालिक लवकेश बजाज से जुड़ा एक पुराना आपराधिक मामला भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बजाज इसी वर्ष फर्जी दस्तावेजों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दिलाने के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी 2025 में पहाड़गंज क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान दो बांग्लादेशी महिलाओं और एक नाबालिग को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में पकड़ा गया था। जांच में सामने आया कि वे भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिन्हें कथित तौर पर फर्जी तरीके से हासिल किया गया था।
पुलिस जांच के दौरान पता चला कि आरोपी महिलाओं में से एक ने पासपोर्ट बनवाने के लिए छतरपुर एन्क्लेव स्थित जिस पते का इस्तेमाल किया था, वह लवकेश बजाज का था। पूछताछ में बजाज ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने आर्थिक लाभ के बदले अपने पते का उपयोग करने की अनुमति दी थी। इसके बाद 19 जनवरी 2025 को पुलिस ने लवकेश बजाज समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और मुकदमा अदालत में विचाराधीन है।
मालवीय नगर अग्निकांड की जांच कर रही एजेंसियां अब होटल के संचालन, कर्मचारियों की भूमिका, दस्तावेजी रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी विस्तार से जांच कर रही हैं। पुलिस को संदेह है कि होटल प्रबंधन से जुड़े कुछ अहम तथ्य अभी सामने आने बाकी हैं।
जांच के दौरान होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा और प्रबंधक राकेश की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। दोनों की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। एक विशेष टीम बिहार भी भेजी गई है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि होटल के दैनिक संचालन और प्रशासनिक गतिविधियों में जय मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए तकनीकी निगरानी के साथ संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। दिल्ली के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।
जांच के तहत पुलिस होटल कर्मचारियों, अग्निकांड में बचाए गए लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही भवन की संरचना, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा केवल सुरक्षा लापरवाही का परिणाम था या इसके पीछे कोई अन्य गंभीर अनियमितता भी मौजूद थी।
पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेज मामले में गिरफ्तारी के बाद लवकेश बजाज को तिहाड़ जेल भेजा गया था। करीब 15 दिनों तक जेल में रहने के बाद उसे अदालत से जमानत मिल गई थी। हालांकि, उस मामले में जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
अब अग्निकांड की जांच के दौरान पुलिस पुराने मामले की फाइल भी दोबारा खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि होटल के संचालन, दस्तावेजी गड़बड़ियों और अन्य गतिविधियों के बीच कोई संबंध तो नहीं था। फिलहाल लवकेश बजाज अग्निकांड मामले में पुलिस रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।