Knews Desk- फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े यूएपीए (UAPA) मामले में आरोपी उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने नियमित जमानत के साथ-साथ अंतरिम जमानत की अर्जी पर भी पुलिस से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। इसी दिन इस मामले के सह-आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका पर भी सुनवाई निर्धारित है।
उमर खालिद ने कड़कड़डूमा कोर्ट के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी जमानत अर्जी तीसरी बार खारिज कर दी गई थी। निचली अदालत ने 4 जुलाई को उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों की जमानत याचिकाएं यह कहते हुए खारिज कर दी थीं कि यूएपीए मामलों में जमानत से जुड़े अहम कानूनी प्रश्न पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही मामला बड़ी पीठ को भेज चुका है। ऐसे में निचली अदालत के पास राहत देने का आधार नहीं था।
हाई कोर्ट में दायर याचिका में उमर खालिद ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने उनकी नई जमानत अर्जी पर विचार न करके कानूनी भूल की है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने 18 मई को पहले दिए गए फैसले पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उन्होंने नए आधारों पर जमानत की मांग की थी। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने उनकी दलीलों पर विचार नहीं किया और केवल पहले के आदेश का हवाला देकर याचिका खारिज कर दी।
उमर खालिद ने अंतरिम जमानत की भी मांग की है। उन्होंने अदालत से कहा है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट यह स्पष्ट नहीं कर देता कि लंबे समय तक जेल में रहने और ट्रायल में देरी की स्थिति में यूएपीए के तहत जमानत की सख्त शर्तों में राहत दी जा सकती है या नहीं, तब तक उन्हें अंतरिम जमानत दी जाए। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ विचार कर रही है, क्योंकि अलग-अलग बेंचों की राय अलग रही है।
ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी के फैसले से बंधी हुई है और उसके पास उस आदेश से अलग जाकर जमानत याचिका पर राहत देने का अधिकार नहीं है। इसी आदेश के खिलाफ अब उमर खालिद ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाई कोर्ट द्वारा दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मामले में पुलिस अपना पक्ष रखेगी और 27 अगस्त को होने वाली सुनवाई में अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।