KNEWS DESK – आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, तो इसका फायदा आम जनता तक भी पहुंचना चाहिए।
केजरीवाल ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 115 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई है, लेकिन इसके बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं की गई।
‘पेट्रोल की कीमत 82 रुपये लीटर होनी चाहिए’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा हालात में पेट्रोल की कीमतों में कटौती होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी गणना के अनुसार पेट्रोल की कीमत करीब 82 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए और अगर इसमें E20 फ्यूल को शामिल किया जाए तो यह कीमत और कम हो सकती है।
उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतें भी घटाई जानी चाहिए, क्योंकि इससे महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।
‘सरकार नुकसान की बात करती है, लेकिन मुनाफे का क्या?’
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कच्चे तेल की कीमतें कम हुईं, तब भी पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार अक्सर नुकसान की भरपाई की बात करती है, लेकिन जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी थीं और कंपनियों को नुकसान हुआ था, तो कम कीमतों के दौरान हुए मुनाफे को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
E20 फ्यूल को लेकर ऑटो कंपनियों से मांगा जवाब
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने E20 इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को लेकर 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखा था। उन्होंने कंपनियों से गाड़ियों के माइलेज और इंजन की सुरक्षा पर इसके प्रभाव को लेकर जवाब मांगा है।
केजरीवाल ने मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों को अलग-अलग पत्र भेजे, जबकि अन्य ऑटो कंपनियों से भी E20 फ्यूल को लेकर उनकी राय मांगी गई है। उन्होंने कंपनियों को सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है।
दिल्ली में जलभराव को लेकर भी साधा निशाना
दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर भी केजरीवाल ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजधानी में सड़कों की हालत खराब हो गई है और जगह-जगह जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है।
उन्होंने मिंटो ब्रिज का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस जगह की तस्वीरें बार-बार दिखाई जाती हैं, उसे उनकी सरकार के कार्यकाल में ठीक किया गया था। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के एक साल के कार्यकाल में दिल्ली की स्थिति काफी खराब हो गई है।