KNEWS DESK – अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने अब अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है और इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का प्लान बनाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस 10 जुलाई को देशभर में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता, प्रदेश अध्यक्ष, राज्य प्रभारी और वरिष्ठ नेता अलग-अलग राज्यों के प्रमुख शहरों में मीडिया को संबोधित करेंगे।
केंद्र और मंदिर प्रबंधन से जवाब मांगने की तैयारी
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जनहित से जुड़ा हुआ है। पार्टी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित प्रबंधन से जवाबदेही की मांग करेगी।
बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस इस मामले से जुड़े अपने सवालों और मांगों को सार्वजनिक करेगी। इसके बाद पार्टी बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर सकती है।
गांव-गांव तक मुद्दा पहुंचाने की रणनीति
कांग्रेस ने इस मामले को सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। पार्टी की योजना इसे देशभर के गांवों और आम लोगों तक पहुंचाने की है।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और जनता को इसकी जानकारी मिलनी चाहिए।
कांग्रेस ने PMO, RSS और VHP से मांगा जवाब
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), RSS और VHP से जवाब मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, इसलिए इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मामले में कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा जाना चाहिए।
कांग्रेस के इस अभियान के बीच अब सभी की नजरें मंदिर प्रशासन और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर हैं। फिलहाल कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी आंदोलन की तैयारी में जुटी हुई है।