राहुल गांधी के कार्यक्रम पर कांग्रेस-नगर निगम आमने-सामने, स्टेडियम को लेकर विवाद

KNEWS DESK- कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इंदौर में 12 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अभी भी असमंजस में है। कार्यक्रम जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होना है, लेकिन स्टेडियम के इस्तेमाल की अनुमति को लेकर पेंच फंस गया है। इसी मुद्दे पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर स्टेडियम उपलब्ध कराने की मांग की है।

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि राहुल गांधी का यह कार्यक्रम महज एक राजनीतिक आयोजन नहीं है। यह देश के भविष्य, युवाओं के सपनों, शिक्षा के अधिकार और शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित जनसंवाद है। पटवारी ने कहा कि सरकार को कार्यक्रम की भावना, उपयोगिता और इसके व्यापक सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर हैं और छात्रों व युवाओं के साथ उनके संवाद के लिए नेहरू स्टेडियम उपलब्ध कराया जाना कार्यक्रम की महत्ता के अनुरूप होगा।

अधिकारियों को निर्देश देने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेने और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे नेहरू स्टेडियम में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने का रास्ता साफ हो सकेगा।

अनुमति को लेकर कांग्रेस और नगर निगम में टकराव

वहीं, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि नेहरू स्टेडियम को लेकर हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश है। इसके तहत स्टेडियम में खेल गतिविधियों या राज्यस्तरीय सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन की ही अनुमति दी जा सकती है।

इस मामले में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के कार्यक्रम को स्टेडियम में आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।

50 हजार छात्रों को जुटाने की तैयारी

कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से करीब 50 हजार छात्रों को जुटाने की तैयारी कर रही है। यह कांग्रेस का छात्र संवाद अभियान है, जिसके तहत देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस अभियान के जरिए कांग्रेस पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

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