KNEWS DESK – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर के अफजलगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था, धर्म रक्षा और गोवंश संरक्षण जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। इस दौरान उन्होंने सूर्या चौहान हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए केवल उपदेश नहीं, बल्कि आवश्यक होने पर कठोर कार्रवाई भी जरूरी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की दोस्ती या भरोसे की आड़ में धोखा और अपराध स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने बच्चों को सही संस्कार नहीं दे पा रहा है और वे कानून के खिलाफ रास्ता चुनते हैं, तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा कानून का सम्मान करने वाले नागरिकों के साथ खड़ी है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों और पूर्व सैनिकों को भूमि स्वामित्व अधिकार पत्र भी वितरित किए। उन्होंने बताया कि वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे 1645 परिवारों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक सौंपा गया है। उनके अनुसार इस फैसले से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और दशकों पुराना लंबित मुद्दा सुलझेगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता हमेशा धर्म और न्याय के पक्ष में खड़ी रही है। जब समाज के सामने बुराई या अन्याय खड़ा हो, तब उसका मुकाबला करना भी आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए समय-समय पर संघर्ष करना पड़ा है।
गोवंश संरक्षण के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या के खिलाफ कड़े कानून लागू हैं और सरकार इस विषय पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। गोवंश संरक्षण को भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के इस संबोधन को आगामी समय में कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार के रुख के रूप में देखा जा रहा है। जनसभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।