KNEWS DESK- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में दो मजदूरों की हत्या की घटना पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा दुख और आक्रोश जताया है। मुख्यमंत्री ने इस हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों मृतकों के निकटतम परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। यह सहायता जिला प्रशासन की ओर से दी जाने वाली 6-6 लाख रुपये की तत्काल मदद के अतिरिक्त होगी।
इस तरह दोनों पीड़ित परिवारों को सरकार और जिला प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
CM उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख
मुख्यमंत्री कार्यालय ने घटना को लेकर कहा कि सीएम उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम में दो मजदूरों की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। मुख्यमंत्री ने निर्दोष लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
सीएम ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से दोनों मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक परिवार को 6-6 लाख रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी।
देर रात मजदूरों पर हुआ हमला
यह घटना शुक्रवार देर रात दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने एक ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले दो मजदूरों को निशाना बनाया। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं और रोजगार के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर आए हुए थे।
बताया गया कि हमलावरों ने मजदूरों से उनका नाम पूछा और इसके बाद उन पर गोलियां चला दीं। गोलीबारी में दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। हमले को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबलों की टीमें मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेर लिया।
हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन
वारदात के बाद सुरक्षाबलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया है। घटनास्थल के आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षाबल हमलावरों के संभावित ठिकानों और भागने के रास्तों की तलाश कर रहे हैं। आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे कौन लोग शामिल थे। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
बाहरी मजदूरों की सुरक्षा पर फिर चिंता
कुलगाम में हुई इस वारदात ने जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले दूसरे राज्यों के मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। रोजगार के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं और निर्माण कार्य, ईंट-भट्ठों तथा अन्य क्षेत्रों में काम करते हैं।
ऐसे में बाहरी मजदूरों को निशाना बनाए जाने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ गई है। इस घटना के बाद संबंधित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की संभावना है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाबलों की तैनाती और गश्त भी बढ़ाई जा सकती है।
सरकार ने दिया परिवारों के साथ खड़े रहने का भरोसा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार इस दुख की घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने निर्दोष लोगों की हत्या की निंदा करते हुए परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री राहत कोष और जिला प्रशासन की ओर से घोषित आर्थिक मदद का उद्देश्य मृतकों के आश्रित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। फिलहाल सुरक्षाबलों का मुख्य फोकस हमलावरों की तलाश पर है। कुलगाम और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा एजेंसियां हमले से जुड़े सुराग जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, दो मजदूरों की हत्या से उनके परिवारों में मातम पसरा है और घटना को लेकर इलाके में तनाव और शोक का माहौल है।