KNEWS DESK – अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव Champat Rai का पहला बयान सामने आया है। चंपत राय ने राम भक्तों के नाम एक पत्र जारी कर खुद पर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर रही SIT की अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद वह सभी सवालों का जवाब देंगे और पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
‘SIT रिपोर्ट आने तक मौन रहूंगा’
चंपत राय ने अपने पत्र में लिखा कि उन्होंने SIT की अंतिम रिपोर्ट आने तक मौन धारण करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उनके खिलाफ कई तरह के आरोप और चर्चाएं की जा रही हैं।
उन्होंने अपने लंबे सामाजिक और संगठनात्मक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह वर्ष 1991 से अयोध्या में जिम्मेदारी निभा रहे हैं और उनका जीवन एक खुली किताब की तरह रहा है।
‘गोपनीय रिपोर्ट सार्वजनिक हो चुकी है’
चंपत राय ने कहा कि SIT की रिपोर्ट को बेहद गोपनीय रखा गया था, लेकिन अब उसके कुछ हिस्से सार्वजनिक हो चुके हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आरोपों और चर्चाओं से जुड़े हर बिंदु पर क्रमवार जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों की स्थिति साफ हो जाएगी।
ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफे हुए मंजूर
बता दें कि सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई थी, जिसमें चंपत राय और ट्रस्टी Anil Mishra के इस्तीफे को मंजूरी दी गई थी।
बैठक में मौजूद सदस्यों ने कहा था कि चढ़ावा चोरी के आरोपों से ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई है। इसलिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
ट्रस्ट ने SIT की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करने का फैसला किया है। मामले पर अगली बैठक 22 जुलाई को बुलाई गई है।
SIT रिपोर्ट में सामने आईं कई खामियां
मामले की जांच कर रही SIT की अंतरिम रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन से जुड़ी कई कमियों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई जगहों पर तय प्रक्रिया यानी SOP का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि CCTV फुटेज की जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। जांच में सामने आया कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारी पैसे जेब और मोजों में रखते हुए दिखाई दिए।