राम मंदिर ट्रस्ट बैठक पर महंत दिनेंद्र दास का बड़ा बयान, बोले- इस्तीफे की कॉपी तक नहीं दिखाई गई

KNEWS DESK – अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में लगातार नए दावे और खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस विवाद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज का बयान सामने आया है। उन्होंने एक बातचीत में ट्रस्ट की बैठक और जिम्मेदारियों को लेकर कई अहम बातें कही हैं।

महंत दिनेंद्र दास ने दावा किया कि ट्रस्ट की बैठक में जब इस्तीफों को लेकर चर्चा हुई तो सदस्यों ने बताया कि चंपत राय ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्होंने चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार किया था, लेकिन बाद में अन्य सदस्यों की सहमति के बाद फैसला लिया गया।

‘लेन-देन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए’

महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है, लेकिन उनके बाहर रहने को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपाल राव और अनिल मिश्रा लेन-देन से जुड़े काम देखते थे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद सुझाव दिया था कि गोपाल राव की जिम्मेदारी तय की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाया जाए। महंत दिनेंद्र दास ने यह भी कहा कि कोषाध्यक्ष को जिम्मेदार व्यक्ति का नाम लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिसके बाद उन्हें अपनी बात रखनी पड़ी।

चंपत राय ने कहा- SIT रिपोर्ट के बाद दूंगा जवाब

वहीं, मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने राम भक्तों के नाम एक पत्र जारी करते हुए कहा कि वह अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद देंगे।

चंपत राय ने कहा कि 7 जून से मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं और उनके खिलाफ व्यक्तिगत आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक चुप रहना उन्होंने उचित समझा।

उन्होंने कहा कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह हर आरोप का बिंदुवार जवाब देंगे और सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।

अपने सार्वजनिक जीवन का दिया हवाला

चंपत राय ने अपने लंबे सामाजिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अक्टूबर 1991 में संगठन की ओर से अयोध्या भेजा गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने करीब 45 वर्षों तक प्रचारक के रूप में सेवा की है और जहां भी जिम्मेदारी मिली, उनका जीवन खुली किताब की तरह रहा है।

तीन आरोपियों को मिली एक दिन की पुलिस रिमांड

इस मामले में अयोध्या पुलिस को तीन आरोपियों की एक दिन की रिमांड भी मिली है। कोर्ट ने लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय की पुलिस रिमांड मंजूर की है।

पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और SIT की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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