दिल्ली में जनगणना 2027 की डिजिटल शुरुआत, 20 मिनट में 33 सवालों से पूरी होगी स्व-गणना

KNEWS DESK- राजधानी दिल्ली में जनगणना 2027 की डिजिटल प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। यह देश की पहली पूरी तरह ऑनलाइन जनगणना मानी जा रही है, जिसमें लोग घर बैठे अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। पहले ही दिन उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कई मंत्रियों ने अपनी स्व-गणना पूरी कर लोगों को इस पहल में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस नई व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए लगभग 20 मिनट में 33 सवालों के जवाब देकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उपराज्यपाल ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि डिजिटल जनगणना से हर नागरिक की सही गिनती सुनिश्चित होगी, जिससे नीति निर्माण और विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को देश की विकास यात्रा का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि सटीक डेटा के आधार पर ही स्कूल, अस्पताल और बुनियादी ढांचे की बेहतर योजना संभव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें। वहीं कैबिनेट मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने भी अपनी स्व-गणना पूरी करते हुए इसे सरल और पारदर्शी प्रक्रिया बताया।

अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी के 250 वार्डों में यह स्व-गणना प्रक्रिया 1 मई से 15 मई तक चलेगी। नागरिक सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक पोर्टल पर लॉगइन कर सकते हैं। इसके लिए परिवार के मुखिया या किसी भी सदस्य के मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।

पोर्टल को 16 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे लोग अपनी सुविधानुसार भाषा चुन सकते हैं। पहली बार लॉगइन के दौरान भाषा चयन अनिवार्य होगा और बाद में इसे बदला नहीं जा सकेगा। प्रक्रिया के दौरान घर की लोकेशन भी मैप पर दर्ज करनी होगी, जिसके बाद 11 अंकों की सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) प्रदान की जाएगी।

इसके बाद 16 मई से 14 जून तक सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नागरिकों को अपनी SE ID दिखानी होगी। यदि डेटा मेल खाता है तो उसे स्वीकार कर लिया जाएगा, अन्यथा दोबारा जानकारी ली जाएगी।

स्व-गणना में मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, पानी और बिजली की सुविधा, शौचालय, ईंधन, इंटरनेट, वाहन और अन्य संसाधनों से जुड़ी जानकारी शामिल है।

सरकार का मानना है कि इस डिजिटल पहल से जनगणना प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक होगी। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 भी जारी किया गया है, ताकि लोगों को किसी भी तरह की सहायता मिल सके।

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