KNEWS DESK- दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और डीडीएमए की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक छह लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा जा चुका है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी आवास के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस ने बताया कि स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर इमारत की स्थिति और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम और डॉग स्क्वॉड को भी राहत-बचाव अभियान में लगाया गया है। मलबे को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है। मौके पर फायर टेंडर और CATS एंबुलेंस भी मौजूद हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मलबे में कुल कितने लोग फंसे थे। बचाव दल लगातार मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रहा है। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा को देखते हुए एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं।
छात्रों के दबे होने की आशंका
इमारत में पीजी संचालित होने के कारण हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद मलबे के अंदर से लोगों के मदद के लिए पुकारने की आवाजें सुनाई दीं। कुछ लोगों ने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र इमारत में मौजूद थे। हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की संख्या को लेकर अभी आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
सीएम रेखा गुप्ता मौके पर पहुंचीं
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर चिंता जताई और राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
हादसे के बाद इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे के बाद अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करना और मलबे में फंसे लोगों का पता लगाना है। हादसे की पूरी वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।