बिहारः पटना जू समेत दो संस्थानों से हटा ‘संजय गांधी’ का नाम, 125 यूनिट फ्री बिजली और शिक्षा पर करोड़ों की सौगात

डिजिटल डेस्क- बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य की राजनीति और बुनियादी ढांचे को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 61 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक का सबसे चर्चित फैसला राजधानी पटना के दो प्रमुख संस्थानों के नाम बदलने का रहा, जो लंबे समय से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के नाम पर थे।

संजय गांधी के नाम पर संस्थानों की पहचान बदली

सरकार ने प्रतीकात्मक राजनीति की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पटना के मशहूर चिड़ियाघर और डेयरी कॉलेज के नाम बदल दिए हैं। 153 एकड़ में फैले और 1973 में जनता के लिए खुले इस प्रसिद्ध पार्क का नाम अब आधिकारिक रूप से ‘पटना जू’ कर दिया गया है। 110 प्रजातियों के 800 से अधिक जानवरों का घर यह चिड़ियाघर अब नई पहचान के साथ जाना जाएगा। वहीं 1980 में स्थापित ‘संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ का नाम बदलकर अब ‘बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ कर दिया गया है। यह संस्थान डेयरी टेक्नोलॉजी में B.Tech और M.Tech जैसे प्रतिष्ठित कोर्स संचालित करता है।

मुफ्त बिजली और शिक्षा का ‘मॉडल’ प्लान

नीतीश-सम्राट सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के लिए 23,165 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। इसके तहत राज्य के उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी। वहीं बिहार के 208 ब्लॉकों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जिसके लिए 104 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन संस्थानों के संचालन के लिए 9,152 नए शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी मिली है। हर ब्लॉक में एक ‘मॉडल स्कूल’ बनाया जाएगा, जो स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब से लैस होगा।

NIFT के स्थायी परिसर के लिए जमीन आवंटित

इसके अलावा, पटना में NIFT (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) के स्थाई परिसर के लिए जमीन आवंटित की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में संवेदनशीलता दिखाते हुए सरकार ने गर्दनीबाग में ऑटिज्म से पीड़ित लोगों के लिए एक अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने का निर्णय लिया है। सामाजिक न्याय को मजबूती देते हुए कैबिनेट ने SC/ST छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के स्टाइपेंड (छात्रवृत्ति) में सीधे 100% की बढ़ोतरी की है। अब इन छात्रों को प्रति माह 1000 रुपये के बजाय 2000 रुपये मिलेंगे।

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