अगर उन्हें किंग चार्ल्स से मिलने का अवसर मिलता है……भारत का कोहिनूर लौटाने की मांग फिर चर्चा में

Knews Desk- भारतीय मूल के न्यूयॉर्क सिटी के मेयर Zohran Mamdani ने एक बार फिर कोहिनूर हीरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय बहस को हवा दे दी है। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स से मुलाकात से पहले दिए गए उनके बयान ने भारत में एक लंबे समय से चली आ रही भावनात्मक और ऐतिहासिक मांग को फिर चर्चा में ला दिया है।

अगर उन्हें किंग चार्ल्स से मिलने का अवसर मिलता है……….ममदानी

ममदानी ने कहा कि अगर उन्हें किंग चार्ल्स से मिलने का अवसर मिलता है, तो वे उन्हें भारत का कोहिनूर हीरा वापस लौटाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने कोहिनूर को सिर्फ एक बहुमूल्य रत्न नहीं, बल्कि भारत के इतिहास, गौरव और औपनिवेशिक काल के दौरान हुए ऐतिहासिक अन्याय का प्रतीक बताया। उनके इस बयान को भारतीय समुदाय के बीच काफी समर्थन और सराहना मिल रही है।

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला अमेरिका के दौरे पर हैं। इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। इसके बाद वे न्यूयॉर्क पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात मेयर ममदानी से भी हुई। 9/11 मेमोरियल पर हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कोहिनूर पर कोई औपचारिक चर्चा हुई या नहीं।

कोहिनूर हीरे का इतिहास

कोहिनूर हीरे का इतिहास बेहद जटिल और विवादास्पद माना जाता है। माना जाता है कि यह हीरा भारत के आंध्र प्रदेश की खानों से निकला था और शुरुआती दौर में भारतीय शासकों के पास रहा। बाद में यह मुगल शासकों के हाथों में गया और फिर फारसी आक्रमणकारी नादिर शाह ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद यह अफगान शासकों और फिर सिख साम्राज्य के महाराजा रणजीत सिंह के पास पहुंचा। 1849 में दूसरे एंग्लो-सिख युद्ध के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने लाहौर संधि के तहत महाराजा दिलीप सिंह से यह हीरा अपने अधिकार में ले लिया। इसके बाद इसे ब्रिटेन ले जाया गया और अंततः यह ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स का हिस्सा बन गया। वर्तमान में यह हीरा ब्रिटेन के शाही ताज का हिस्सा है, हालांकि महारानी कैमिला ने अपने राज्याभिषेक के दौरान इसे नहीं पहना था। भारत लंबे समय से विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कोहिनूर की वापसी की मांग करता रहा है। यह मुद्दा केवल एक संपत्ति की वापसी का नहीं, बल्कि औपनिवेशिक इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े भावनात्मक पहलुओं का भी प्रतीक बन चुका है।

क्या है कोहिनूर की कीमत ?

कोहिनूर की कीमत आधिकारिक रूप से तय नहीं है, लेकिन इसे दुनिया के सबसे कीमती हीरों में गिना जाता है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह लगभग 105 कैरेट का हीरा है और इसकी अनुमानित कीमत अरबों डॉलर में आंकी जाती है। ब्रिटिश शाही परिवार या संबंधित अधिकारियों ने ममदानी की टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, न्यूयॉर्क सिटी मेयर कार्यालय ने भी इस विषय पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है।

इस बयान के बाद एक बार फिर कोहिनूर की ऐतिहासिक वापसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय चर्चा तेज हो गई है, और यह मुद्दा वैश्विक राजनीति और सांस्कृतिक विरासत की बहस में फिर से केंद्र में आ गया है।

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