रिहाई के बाद आशुतोष रांका का पीएम मोदी पर तीखा हमला, बोले- 72 घंटे में तानाशाही का नंगा नाच देखा

CJP नेता आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर साधा निशाना, हिरासत में लिए जाने और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट को लेकर उठाए सवाल।

Knews Desk – कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इस दौरान आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने नरेंद्र मोदी जैसा डरपोक और कायर प्रधानमंत्री नहीं देखा। पिछले 72 घंटों में देश ने तानाशाही का नंगा नाच देखा है और हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है।

आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों देश में जिस तरह के हालात बनाए गए, उससे पूरी दुनिया में भारत की छवि खराब हुई है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट हुई। रांका ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने हालात इस कदर खराब कर दिए कि उन्हें और उनके साथियों को फ्लाइट से ले जाया गया।

इमरजेंसी से भी बदतर हालात होने का आरोप

आशुतोष रांका ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे महान प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन पिछले 72 घंटों में जो कुछ हुआ, उसने 1975 की इमरजेंसी की याद दिला दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात इमरजेंसी से भी आगे निकल गए हैं। रांका ने कहा कि उस समय भी ट्रेनों को बंद करने की जरूरत नहीं पड़ी थी, जबकि हाल के घटनाक्रम में सैकड़ों ट्रेनें रद्द की गईं और लाखों देशवासियों को परेशानी हुई।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुरू हुई लड़ाई को नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपने खिलाफ बना दिया है। रांका ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की शह पर काम कर रहा है और बीजेपी को जिताने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका निभाई जा रही है।

दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उन्हें, सौरव दास और दीपके को फ्लाइट में घुसकर जबरन ले जाया गया। उन्होंने अभिजीत की दादी के निधन का जिक्र करते हुए दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

रांका के मुताबिक, दीपके को जब उनकी दादी के निधन की जानकारी दी गई, तब भी दिल्ली पुलिस कैमरा और माइक लेकर खड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपके अपने माता-पिता की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देकर अपने कजिन से बात करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि किसी करीबी की मृत्यु के बाद भी इस तरह का व्यवहार अमानवीय है। रांका ने बताया कि रिहाई के तुरंत बाद अभिजीत अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अपने पैतृक गांव की ओर रवाना हो गए।

अभिजीत के परिवार के प्रति जताई संवेदना

आशुतोष रांका ने कहा कि अभिजीत कभी नहीं चाहते थे कि उनका निजी मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बने। उन्होंने CJP की ओर से अभिजीत के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। रांका ने कहा कि परिवार में इतने बड़े नुकसान के बावजूद अभिजीत मजबूती से डटे रहे और उन्होंने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के आह्वान से पीछे नहीं हटने की बात कही थी।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब शुरू हुई है। रांका ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि इस लड़ाई को युद्ध जैसा बनाने के लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।

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