डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आयोग ने इन अधिकारियों पर गंभीर कदाचार और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। इस कदम को चुनावी पारदर्शिता और सख्ती सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कार्रवाई डायमंड हार्बर जिले में तैनात पुलिस अधिकारियों पर की गई है, जिसे अभिषेक बनर्जी का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गरई, उप-मंडल पुलिस अधिकारी सजल मंडल, डायमंड हार्बर थाना प्रभारी मौसम चक्रवर्ती, फाल्टा थाना प्रभारी अजय बाग और उस्थी थाना प्रभारी सुभेच्छा बाग शामिल हैं।
चुनावी निष्पक्षता को बरकरार रखने के लिए मुख्य सचिव को दिए निर्देश
चुनाव आयोग ने इन सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए कहा कि इन अधिकारियों का आचरण चुनावी निष्पक्षता के मानकों के खिलाफ पाया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आयोग ने पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा, डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक इशानी पाल को भी चेतावनी जारी की गई है। आयोग ने उन पर अधीनस्थ अधिकारियों पर नियंत्रण रखने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में कमी का आरोप लगाया है। यह संकेत देता है कि आयोग इस चुनाव में किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुआ रिकॉर्ड मतदान
इस बीच, चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है, जो आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद उत्साहजनक बताया। आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में 92.9 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। दक्षिण दिनाजपुर 94.85 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, जबकि कूच बिहार, बीरभूम, जलपाईगुड़ी और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी भारी मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के मुताबिक, 23 अप्रैल को पहले चरण में मतदान करने वाले 44,376 मतदान केंद्रों में से किसी में भी पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पड़ी, जो चुनावी प्रक्रिया की मजबूती को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल की 152 और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान संपन्न हुआ।