चीन से सटे संवेदनशील राज्य अरुणाचल प्रदेश में पुलिस महकमे की कमान 1995 बैच के IPS अधिकारी राजेश कुमार को सौंपी जा सकती है। मौजूदा DGP एसडी सिंह जामवाल की जगह उन्हें जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। केंद्र सरकार ने राजेश कुमार को उनके मूल कैडर AGMUT में समय से पहले वापस भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
Knews Desk – IPS अधिकारी राजेश कुमार फिलहाल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में स्पेशल डायरेक्टर जनरल के पद पर जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। उनके मूल कैडर में वापसी के फैसले से पहले उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल को कई बार बढ़ाया गया था। जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान वह सुरक्षा ग्रिड से भी जुड़े रहे हैं। उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन का व्यापक अनुभव है।
राजेश कुमार मूल रूप से राजस्थान के कोटकासिम इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने 4 सितंबर 1995 को भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की थी। वह पहले जम्मू-कश्मीर कैडर का हिस्सा थे, जिसे बाद में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेशों के AGMUT कैडर में शामिल कर दिया गया। अपने लंबे पुलिस करियर के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में काम करने का उन्हें खासा अनुभव है। साल 2018 में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CRPF में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के तौर पर शामिल हुए थे। जून 2019 में पुलवामा हमले के बाद उन्हें IG CRPF (ऑपरेशंस), कश्मीर नियुक्त किया गया था। उस संवेदनशील दौर में उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
जम्मू-कश्मीर में CRPF में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 2023 में IG (प्रशासन) के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्हें ADG के पद पर पदोन्नत किया गया। सितंबर 2026 में उन्हें इन-सीटू आधार पर CRPF के स्पेशल DG के पद पर नियुक्त किया गया था। जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक तैनाती के दौरान उन्होंने कई आतंकवाद विरोधी अभियानों और मुठभेड़ों की निगरानी में अहम भूमिका निभाई।
राजेश कुमार को पुलिस सेवा में योगदान और बड़े अभियानों में भूमिका के लिए कई सम्मान भी मिल चुके हैं। इनमें साल 2010 में प्रेसिडेंट का पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री, 2011 में पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस और 2018 में प्रेसिडेंट का पुलिस मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस शामिल हैं।
अब उनके मूल कैडर में समय से पहले वापसी के फैसले के बाद अरुणाचल प्रदेश के अगले DGP के तौर पर उनके नाम की चर्चा तेज है। हालांकि, उन्हें इस पद पर नियुक्त किए जाने की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। यदि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है, तो वह चीन से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले इस संवेदनशील राज्य में पुलिस व्यवस्था की कमान संभालेंगे।