मध्य प्रदेश के राजगढ़ में भीषण सड़क हादसा, मुरैना से उज्जैन जा रही बारातियों से भरी बस पलटी, 3 की मौत, 26 घायल

डिजिटल डेस्क- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में गुरुवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। ब्यावरा के पास नेशनल हाईवे पर बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत 26 बाराती घायल हो गए। घायलों में से 8 की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, मुरैना का तोमर परिवार शादी की खुशियां मनाने के लिए बस द्वारा उज्जैन जा रहा था। धर्मेंद्र ट्रेवल्स की इस बस में करीब 45 लोग सवार थे। सुबह करीब 6 बजे जब बस ब्यावरा शहर से कुछ दूर काचरी गांव के पास पहुंची, तभी तेज रफ्तार के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा। बस सड़क किनारे जाकर पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। सो रहे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई।

ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की आवाज सुनकर काचरी गांव के ग्रामीण देवदूत बनकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बस के शीशे तोड़े और अंदर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। कई यात्री सीटों और लोहे की रॉड्स के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही डायल 100 और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। ब्यावरा सिटी थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ की देखरेख में घायलों को तुरंत ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

8 घायलों की हालत नाजुक

ब्यावरा सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन यात्रियों को मृत घोषित कर दिया। घायलों में 7 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 8 घायलों को सिर, छाती और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया है। शेष 18 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। अस्पताल पहुंचे एक घायल महिला ने रुंधे गले से बताया, “हम सभी शादी के गीत गाते हुए जा रहे थे, बच्चों के साथ हंसी-मजाक चल रहा था। तभी अचानक एक जोरदार झटका लगा और सब कुछ खत्म हो गया।”

मुरैना से उज्जैन तक पसरा सन्नाटा

जैसे ही हादसे की खबर मुरैना में तोमर परिवार के घर पहुंची, वहां शादी की शहनाइयां खामोश हो गईं और मातम पसर गया। उज्जैन में दुल्हन पक्ष को भी इसकी सूचना दे दी गई है। दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार और एसडीओपी ब्यावरा अस्पताल पहुंचे और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। प्रशासन अब मृतकों की शिनाख्त और हादसे के सटीक कारणों (तेज रफ्तार या ड्राइवर की नींद) की जांच कर रहा है। ब्यावरा-भोपाल हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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