KNEWS DESK- महाराष्ट्र सरकार ने लंबे इंतजार के बाद राज्य पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 96 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी पांच अलग-अलग आदेशों में मुंबई समेत राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन तबादलों में डीसीपी, एडिशनल कमिश्नर और जॉइंट कमिश्नर स्तर के अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
मुंबई पुलिस की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी अब 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी Manoj Sharma को सौंपी गई है। उन्हें मुंबई पुलिस का नया जॉइंट कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) नियुक्त किया गया है। फिल्म 12th Fail के बाद चर्चा में आए मनोज शर्मा पहले महाराष्ट्र पुलिस के लॉ एंड ऑर्डर विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वह सीआईएसएफ में डेपुटेशन पर भी रह चुके हैं और मुंबई पुलिस में डीसीपी व एडिशनल सीपी जैसे अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।
वहीं 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी Anil Kumbhare को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच का नया प्रमुख बनाया गया है। इससे पहले वह ट्रैफिक विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। एटीएस और मुंबई पुलिस के विभिन्न जोन में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई है।
मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था की कमान अब Satyanarayan Chaudhary को दी गई है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों तक मुंबई की कानून-व्यवस्था संभाली थी और अब उन्हें ट्रैफिक विभाग का प्रमुख बनाया गया है।
इसके अलावा 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी Rajesh Pradhan को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) का प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह पहले सीबीआई में डेपुटेशन पर रह चुके हैं और मुंबई पुलिस में कई अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं।
Suvez Haque को मुंबई पुलिस में प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने जय कुमार की जगह पदभार संभाला है। इससे पहले वह पुलिस मुख्यालय में प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन विभाग में कार्यरत थे।
राज्य सरकार ने मुंबई पुलिस में बढ़ते कार्यभार और जनसंख्या को देखते हुए तीन नए डीसीपी और एक एडिशनल सीपी के पद भी सृजित किए हैं। इसी क्रम में कई अधिकारियों को पदोन्नति भी दी गई है। परमजीत सिंह दहिया को एटीएस में आईजी बनाया गया है, जबकि कृष्णकांत उपाध्याय को एडिशनल सीपी के पद पर प्रमोट किया गया है।
मुंबई पुलिस के पांचों जॉइंट सीपी का कार्यकाल काफी पहले पूरा हो चुका था, जिसके बाद से बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चा लगातार चल रही थी। अब इन तबादलों के जरिए पुलिस प्रशासन में नई जिम्मेदारियों के साथ संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।