Knews Desk- कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित एक गैस फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। वहीं, 66 लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय दूतावास कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा, “कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर बेहद दुखद है। हमारा दूतावास कतर प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ित परिवारों की सहायता में जुटा हुआ है। हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं और हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस “दुर्भाग्यपूर्ण हादसे” पर गहरी चिंता जताई है। दूतावास ने कहा कि इस कठिन समय में वह कतर सरकार और भारतीय समुदाय के साथ मिलकर प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रहा है। साथ ही मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कतर के अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा रास लाफान स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में ऑपरेशन के दौरान तकनीकी खराबी के कारण हुआ। हादसे में भारतीयों के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, केन्या, घाना, तंजानिया और नाइजीरिया के नागरिक भी घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
कतर के ऊर्जा मंत्री ने बताया कि जिस गैस संयंत्र में यह हादसा हुआ, वहां जरूरी मेंटेनेंस कार्यों के कारण दिसंबर 2025 से उत्पादन बंद था। करीब दो दिन पहले ही संयंत्र में दोबारा उत्पादन शुरू किया गया था, जिसके बाद ऑपरेशन के दौरान यह भीषण विस्फोट हुआ। फिलहाल हादसे के तकनीकी कारणों और अन्य परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना से आसपास के क्षेत्र में किसी तरह के गैस रिसाव या पर्यावरणीय खतरे की आशंका नहीं है।