बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने को लेकर निशाना साधा है। जम्मू-कश्मीर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कांग्रेस के पुराने चुनावी इतिहास, एसआईआर प्रक्रिया और रामलीला मैदान की रैली को लेकर भी बयान दिया।
Knews Desk – भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर गलत बयानबाजी कर रही है। जम्मू-कश्मीर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लांछन लगाने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश का पढ़ा-लिखा वर्ग कांग्रेस के विचारों को स्वीकार नहीं कर रहा है।
राम माधव ने हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की क्षमता करीब 60 हजार लोगों की है, वह भी खड़े होकर, जबकि कांग्रेस के 20 दलों के लोग मिलकर भी करीब 50 हजार लोगों को ही जुटा सके। उन्होंने कहा कि बीजेपी कांग्रेस की सच्चाई लोगों के सामने ला रही है और राहुल गांधी के आरोप हास्यास्पद हैं।
राहुल गांधी और एसआईआर प्रक्रिया पर साधा निशाना
राम माधव ने राहुल गांधी के विदेश दौरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह हर दूसरे महीने विदेश चले जाते हैं। एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का बचाव करते हुए उन्होंने इसे कंप्यूटर आधारित प्रक्रिया बताया। उनके मुताबिक, निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं, लेकिन जिनके नाम हटाए जाते हैं, उन्हें दोबारा अपील करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने दावा किया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए विशेष प्रक्रिया चल रही है। राम माधव ने कहा कि किसी भी मतदाता को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर झूठे दावों के जरिए प्रचार कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी घर-घर जाकर लोगों को कांग्रेस की कथित गलत बयानबाजी के बारे में बताएगी।
1987 के जम्मू-कश्मीर चुनाव का किया जिक्र
बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इंदिरा गांधी और 1987 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने उस चुनाव में फारूक अब्दुल्ला और राजीव गांधी के गठबंधन के दौरान कथित धांधली के आरोपों को उठाया। राम माधव ने दावा किया कि उस चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के उभार की परिस्थितियां बनीं।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए। राम माधव ने कहा कि कांग्रेस पहले भी कई चुनाव हार चुकी है, जबकि उस समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। ऐसे में पार्टी को अपनी हार का जिम्मेदार किसे ठहराना चाहिए था, यह सवाल भी उन्होंने उठाया।
जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस में चल रहे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राम माधव ने इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताया। उन्होंने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
राम माधव ने आरोप लगाया कि चुनावी संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से जनता का लोकतंत्र पर भरोसा कमजोर करने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर दिए गए उनके इन बयानों के बाद चुनावी प्रक्रिया, एसआईआर और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।