चुनाव याचिका की सुनवाई में देरी की कोशिशों पर अदालत ने उठाए सवाल, कहा- कार्यवाही आगे बढ़नी चाहिए।
Knews Desk- सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा नेता विजय बघेल से जुड़े चुनाव याचिका मामले में सुनवाई में देरी की कोशिशों पर सवाल उठाए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि चुनाव याचिका का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए और कार्यवाही को आगे बढ़ने देना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अंत में याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।
सुनवाई के दौरान जस्टिस वी. मोहन ने कहा कि कार्यवाही आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की कि समय-सीमा का मुद्दा तथ्य और कानून, दोनों से जुड़ा है और यह आपत्ति पहले भी उठाई जा सकती थी। वहीं, जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि चुनाव याचिकाओं का निपटारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सवाल किया कि लिखित बयान में संशोधन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि इस याचिका को स्वीकार कर लिया जाता है, तो आगे और भी आवेदन दाखिल हो सकते हैं, जिससे कार्यवाही में देरी होगी। उन्होंने इसे मुकदमे को लंबा खींचने की रणनीति बताया। इसके बाद पीठ ने कहा, “याचिका खारिज की जाती है। हम हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हैं।”
भूपेश बघेल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा से अदालत ने कार्यवाही को आगे बढ़ने देने को कहा। सुनवाई के दौरान टिप्पणी की गई, “आप जितना हो सके, उतनी देरी कर रहे हैं। फैसला तो आएगा ही।” इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि भूपेश बघेल लिखित बयान में संशोधन के लिए कोई आवेदन दाखिल नहीं करेंगे और अनुरोध किया कि इस बात को रिकॉर्ड पर लिया जाए। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुरोध का सम्मान करते हुए याचिकाकर्ता पर कोई जुर्माना नहीं लगाया।
दरअसल, भाजपा नेता और सांसद विजय बघेल ने 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पाटन निर्वाचन क्षेत्र से भूपेश बघेल की जीत को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी है। विजय बघेल का आरोप है कि भूपेश बघेल ने मतदान से ठीक पहले के 48 घंटे के साइलेंस पीरियड यानी चुनाव प्रचार पर रोक की अवधि के दौरान रोड शो किया था, जो चुनाव नियमों का उल्लंघन है।
इससे पहले 28 सितंबर को भी सुप्रीम कोर्ट ने भूपेश बघेल की उस याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने विजय बघेल की ओर से दायर चुनाव याचिका से जुड़े हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।