Knews Desk- उत्तर प्रदेश की सियासत में अयोध्या और राम मंदिर को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखा पलटवार किया है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को पहले अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने चाहिए और उसके बाद किसी मुद्दे पर बयान देना चाहिए।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि देश की जनता यह जानती है कि अखिलेश यादव अभी तक अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने नहीं गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता राम मंदिर को लेकर ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। राजभर ने कहा कि भगवान राम के मंदिर के निर्माण के लिए लंबे समय तक संघर्ष हुआ है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इस पर राजनीति करने से बचना चाहिए।
‘सिर्फ राम मंदिर की बात क्यों करते हैं अखिलेश’
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राम मंदिर के मुद्दे पर बयान देता है, जबकि जनता से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कम होती है।
राजभर ने कहा कि अगर अखिलेश यादव वास्तव में जनता के मुद्दों की बात करना चाहते हैं तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार जैसे विषयों पर अपनी राय रखनी चाहिए।
जेपीएनआईसी को लेकर भी साधा निशाना
इससे पहले ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी अखिलेश यादव पर हमला बोला था। उन्होंने जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) का मुद्दा उठाते हुए सपा सरकार पर निशाना साधा।
राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि जब वह सुबह घर से निकले तो उन्हें जेपीएनआईसी दिखाई दिया और उन्हें लोकनायक जय प्रकाश नारायण की याद आई। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाली बिल्डिंग का काम 860 करोड़ रुपये में कराया गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। राजभर ने इस मामले को लेकर अखिलेश यादव पर सवाल उठाए और कहा कि महापुरुषों के नाम पर बनने वाली योजनाओं में पारदर्शिता होनी चाहिए।
‘जेपी की पुण्यात्मा का श्राप है’
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि जय प्रकाश नारायण जैसे नेताओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम पर किसी भी तरह की अनियमितता करना गलत है। राजभर ने कहा कि पूर्वजों और महापुरुषों के नाम का सम्मान होना चाहिए और उनके नाम पर किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए।
यूपी की सियासत में बढ़ी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। राम मंदिर, विकास कार्य, सामाजिक न्याय और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं।
ओम प्रकाश राजभर के इस बयान के बाद सपा और भाजपा गठबंधन के बीच राजनीतिक तकरार और बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में अयोध्या और अन्य मुद्दों को लेकर यूपी की राजनीति में और बयान सामने आ सकते हैं।