Knews Desk- भारत और म्यांमार के रिश्तों को नई मजबूती देते हुए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भरोसा दिलाया है कि उनके देश की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। नई दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया। वहीं राष्ट्रपति ह्लाइंग ने दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि किसी भी देश की भूमि का उपयोग दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाना चाहिए।
वार्ता में भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय सशस्त्र समूहों, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार में जारी आंतरिक संघर्ष का असर भारतीय सीमावर्ती इलाकों पर पड़ने की चिंता जताई और वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।
दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। साथ ही भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग और कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना जैसे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने पर सहमति बनी। राष्ट्रपति ह्लाइंग की यह भारत यात्रा उनके राष्ट्रपति बनने के बाद पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है, जिसे दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।