Knews Desk– दिल्ली सरकार ने युवाओं के लिए एक नई और खास पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अगुवाई में कैबिनेट ने ‘हौसलों की उड़ान’ योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मकसद राजधानी के युवाओं को उनकी कला और प्रतिभा दिखाने के लिए बड़ा मंच देना है।
सरकार के मुताबिक, इस टैलेंट हंट योजना के जरिए दिल्ली के करीब 50 लाख युवाओं को जोड़ा जाएगा। इसमें खासतौर पर झुग्गी-बस्तियों, अनधिकृत कॉलोनियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं पर फोकस किया जाएगा, ताकि जिनके पास मंच नहीं है उन्हें भी आगे आने का मौका मिल सके।

कई कला क्षेत्रों में दिखा सकेंगे हुनर
‘हौसलों की उड़ान’ योजना के तहत गायन, नृत्य, कविता, थिएटर, विजुअल आर्ट, डिजिटल आर्ट और शिल्प कला जैसी कई विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में टैलेंट हंट कार्यक्रम होंगे। इसके बाद जोनल और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
कला एवं संस्कृति मंत्री Kapil Mishra ने बताया कि प्रतियोगिता करीब छह महीने तक चलेगी और इसके विजेताओं को नकद पुरस्कार के साथ बड़े कलाकारों की मेंटोरशिप भी दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य दिल्ली के छिपे हुए टैलेंट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है।
5 करोड़ रुपये का बजट तय
दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 5 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। सरकार का कहना है कि यह देश की पहली ऐसी सरकारी टैलेंट हंट स्कीम होगी, जो युवाओं को सीधे मंच और पहचान दिलाने का काम करेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के युवाओं में अपार प्रतिभा है, लेकिन सही मंच की कमी के कारण कई लोग आगे नहीं बढ़ पाते। ‘हौसलों की उड़ान’ योजना युवाओं के सपनों को नई पहचान देने का काम करेगी।