उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक माहौल के बीच अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। पार्टी 3 से 5 नवंबर तक प्रदेशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं निकालेगी, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग जिलों में मोर्चा संभालेंगे।
KNEWS DESK-उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में पार्टी की ओर से 3 नवंबर से 5 नवंबर तक प्रदेशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी छह प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा। पार्टी इस अभियान के जरिए वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने के साथ जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश करेगी।
अभियान के पहले दिन 3 नवंबर को लखनऊ और बरेली में प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। लखनऊ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, बरेली में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी अभियान की कमान संभालेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और जनसंपर्क पर जोर देगी।
अभियान के दूसरे दिन 4 नवंबर को गोरखपुर, प्रयागराज और कानपुर में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में कार्यक्रम होगा। प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे, जबकि कानपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अभियान में शामिल होंगे।
तीन दिवसीय अभियान का समापन 5 नवंबर को गाजियाबाद में होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। भाजपा को उम्मीद है कि प्रदेशव्यापी पदयात्राओं से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी, कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच पार्टी की पहुंच मजबूत होगी।